Bank Of Baroda- Rashtra Bhasha Samman- Nadeesht

मूल रूप से मराठी में रचित उपन्यास ‘नदीष्ट’ की प्रमुख पात्र नासिक की गोदावरी नदी है । श्री मनोज बोरगावकर नदी, पर्यावरण और मानवता के प्रति एक दायित्व महसूस करते है जिसकी झलक इनकी कृतियों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है । इस उपन्यास के अनुवादक डॉ. गोरख थोरात कहते हैं कि ‘नदीष्ट’ एक ऐसा उपन्यास है जो व्यक्ति को अपने अंदर झाँकने के लिए मजबूर कर सकता है और इसीलिए मैंने इस रचना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से इसका हिंदी अनुवाद किया है।
